बुरहानपुर के शिकारपुरा वार्ड क्रमांक-3 का आंगनवाड़ी केंद्र शनिवार को दिनभर गतिविधियों से भरा रहा। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत यहीं से की गई। कार्यक्रम का मकसद मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता का संदेश सीधे मोहल्ले तक पहुंचाना बताया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का वीडियो संदेश देखा और सुना। इसके बाद केंद्र पर पोषण प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से तैयार पौष्टिक आहार की जानकारी दी गई। बच्चों और महिलाओं के लिए संतुलित पोषण क्यों जरूरी है, इस पर भी चर्चा हुई।
सहजन, कद्दू और मोटे अनाज पर जोर
इस मौके पर बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने सुर्जना यानी सहजन के पोषण संबंधी महत्व का उल्लेख किया और इसे भोजन में शामिल करने की बात कही। उन्होंने कद्दू जैसी पौष्टिक सब्जियों के साथ-साथ गेहूं के अलावा बाजरा, मक्का, ज्वार और नागली/नाचनी जैसे मोटे अनाज को भी थाली में जगह देने का आग्रह किया।
विधायक ने बच्चों के संतुलित आहार, प्रोटीन सेवन और स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। यह सलाह के तौर पर कही गई बात है, किसी नई योजना या सरकारी घोषणा के रूप में नहीं।
हितग्राही परिवारों से सीधी बातचीत
कार्यक्रम में विधायक श्रीमती चिटनिस ने हितग्राही परिवारों और महिलाओं से आत्मीय संवाद किया। बातचीत में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और आंगनवाड़ी केंद्र से मिल रही सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। बच्चों तथा परिवारों तक स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया गया।
परिसर में लगे सहजन और नींबू के पौधे
आयोजन के दौरान आंगनवाड़ी परिसर में सुर्जना और नींबू के पौधे लगाए गए। इसके पीछे संदेश यह था कि पर्यावरण संरक्षण को पोषण और स्वास्थ्य से जोड़ा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ वातावरण और प्रकृति से जुड़ाव मिल सके। कार्यक्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने का आग्रह भी किया गया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डॉ. मनोज माने, वार्ड पार्षद श्रीमती पद्मा वारुड़े, अन्य जनप्रतिनिधि, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती शुभांगी मुजुमदार, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
शिकारपुरा से शुरू हुए इस कार्यक्रम को सेवा संकल्प अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर है। जिन परिवारों के बच्चे आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़े हैं, वे अपने नजदीकी केंद्र पर कार्यकर्ता से पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ले सकते हैं।



