मुरैना जिले के देवगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुढ़ा-चंबल और खांडोली में शुक्रवार को एचआईवी, एड्स को लेकर जागरूकता कार्यशालाएं हुईं। इनका मकसद सिर्फ बीमारी की जानकारी देना नहीं था, बल्कि जांच कराने को लेकर गांवों में बनी हुई झिझक तोड़ना भी था। कार्यशालाओं का आयोजन एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र (आईसीटीसी) जौरा ने किया।
एक कार्यशाला गुढ़ा-चंबल के पंचायत भवन में हुई और दूसरी खांडोली स्थित शांति पब्लिक हाई स्कूल के परिसर में। दोनों जगह ग्रामीणों के साथ छात्र-छात्राएं और किशोर-किशोरियां बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मुरैना तथा सिविल अस्पताल जौरा के मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन में किया गया।
दो महीने का सघन अभियान
ये कार्यशालाएं मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति, भोपाल के तत्वावधान में चल रहे सघन जागरूकता अभियान का हिस्सा हैं। यह अभियान 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। यानी गांव-गांव तक संदेश पहुंचाने के लिए तय समय-सीमा वाला कार्यक्रम चल रहा है, जिसके तहत जिले में लगातार गतिविधियां हो रही हैं।
आईसीटीसी परामर्शदाता संदीप सेंगर ने मौजूद लोगों को एचआईवी संक्रमण के कारण और बचाव के उपाय समझाए। उन्होंने आईसीटीसी केंद्र पर मिलने वाली सेवाओं और जांच की पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी दी। उनके अनुसार समय पर जांच और जरूरी परामर्श से संक्रमण की स्थिति में उचित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।
घर-घर दस्तक और 1097
अभियान के तहत आईसीटीसी टीम कार्यशाला स्थल तक ही सीमित नहीं रही। टीम ने गांव में घर-घर दस्तक देकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उन्हें समय पर एचआईवी जांच कराने के लिए प्रेरित किया। बातचीत में यह समझाने पर जोर रहा कि जांच कराना किसी संदेह का विषय नहीं, बल्कि अपनी सेहत की सामान्य जिम्मेदारी है।
लोगों को बताया गया कि एचआईवी से जुड़ी जानकारी और परामर्श के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1097 उपलब्ध है। इसके अलावा क्यूआर कोड के जरिए मिलने वाली सेवाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी के सामने बात किए मदद ले सके। कार्यशाला में अन्य संक्रामक और गंभीर बीमारियों को लेकर भी ग्रामीणों को सचेत किया गया।
गांव के लोग साथ जुड़े
खांडोली के कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच नवल सिंह सिकरवार, एएनएम कृष्णा कुशवाहा, शिक्षक राजेश पाराशर, एमपीडब्ल्यू मुन्नालाल पावक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन सिकरवार और शैलेंद्री सिकरवार तथा आशा कार्यकर्ता कृष्णा सिकरवार शामिल हुए। स्कूल परिसर में हुए आयोजन में विद्यार्थियों की मौजूदगी उल्लेखनीय रही।
अभियान 12 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इस बीच जौरा क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति सिविल अस्पताल जौरा के आईसीटीसी केंद्र पर जाकर जांच और परामर्श की सुविधा ले सकता है, या पहले 1097 पर फोन कर जानकारी हासिल कर सकता है।




